१५ अगस्त पर कुछ नया काम चाहते है बैंक कर्मचारी


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने नए और अनोखे विचारो को सरकार में समम्लित करने के लिए हमेशा से चर्चा के केंद्र में रहते है | नयी सरकार बनने के काफी दिनों के बाद उनके ट्विटर अकाउंट से कोई नया सन्देश देशवासियों के लिए नही आया था | लोग उनके क्रिएटिव दिमाग पर सवाल उठाने लगे थे| लेकिन उनके ट्वीट ने उनके विरोधियो के दिमाग में जैसे लोहे का ब्रश फेर कर नए डिजाईन बना दिए है |  प्रधानमन्त्री १५ अगस्त पर कुछ नया करना चाहते है जिस के लिए उन्होंने पुरे देश से सलाह भेजने को कहा है | 

प्रधानमन्त्री को बस इस तरह के ट्वीट करने की देर थी कि निकम्मों के रूप में कुख्यात हो चुके बैंक कर्मचारियों ने नरेन्द्र मोदी से और नयी योजनायें बैंक के माध्यम से लागू करने की अपील कर डाली | बैंक कर्मचारियो का कहना है सरकार ने पिछली सरकार में जो कुछ बैंक कर्मचारियों से कराया है उससे उन्हें पुरे दिन रात बैंक में बैठे रहने की आदत हो गयी है घर जाने पर उलटी और जी मिचलाने लगता है | लेकिन पिछले एक दो साल में बैंक कर्मचारियों के लिए कोई नए काम की घोषणा नहीं हुई है जिसके लिए बैंकिंग जगत की दुनिया भर की यूनियनों ने पुरे देश के लिए भंडारे का आयोजन करने की घोषणा कर दी है जिसका बिल वो वित् मंत्रालय के नाम काट देंगे | 

बैंक कर्मचारियों का एक धड़ा मीडिया से ख़ासा नाराज़ है जो मुद्रा लोन में बढ़ रहे एनपीए को राष्ट्रीय मुद्दा नहीं बना रहे है | बैंक कर्मचारियों के अंतर्राष्ट्रीय संघटन के महामंत्री का कहना है मुद्रा लोन में बढ़ रहे एनपीए को लेकर टेलीविज़न पर बहस होनी चाहिए जिससे लोगो में थोडा डर हो वो अपना पासपोर्ट बनवा सके | बैंक  कर्मचारियों के अंतर्राष्ट्रीय संघटन के महामंत्री के दिमाग खुजेल आईडिया से पासपोर्ट ऑफिस वाले क्लर्क की चाय अभी से ठंडी हो गयी है  और वो अपने स्टोक में पासपोर्ट की गिनतियां करने में लग गया है | बैंक संघटनो का मानना है मीडिया इस तरह की रिपोर्टिंग पर इसलिए जो नहीं दे रही है क्यूंकि इसमें राष्ट्रवाद कम और अंतर्राष्ट्रीयवाद ज्यादा है

कुछ बैंक कर्मचारियों का मानना है मोदी जी शुरू में  बैंक पर बहुत ध्यान दिया जन धन योजना निकाली, मुद्रा योजना निकाली , रूपए कार्ड को प्रमोट किया, आधार कार्ड बनवाये लेकिन उसके बाद सरकार ने बैंक कर्मचारियों की अनदेखी शुरू कर दी है | बहुत से कर्मचारी का कहना है सरकार को एक बार फिर से नोटबंदी की तर्ज़ पर सिक्का बंदी भी कर देनी चाहिए , इससे उँगलियों की एक्सरसाइज भी हो जायेगी और सरकार के पुराने सिक्के भी देखने को मिल जायेंगे | कुछ बैंक कर्मचारी तो सरकार से इस हद तक नाराज़ है कि सरकार ने शुरू में जो इतना काम दिया उससे वो घर पर कुछ घंटे ही बिता पाते थे तो उनकी तनख्वाह केवल सब्जी खरीदने में ही खर्च होती थी जिससे उनकी तनख्वाह ज्यादा लगने लगी थी | कर्मचारियों का मानना है सरकार को ऐसे निंजा तरीके युद्ध स्तर पर लागू करने चाहिए | वहीँ बैंको के विनयामक आरबीआई ने कर्मचारियों के इस सर फोडू आईडिया को सर माथे लेकर कहा है जब पैन कार्ड , राशन कार्ड ,आधार कार्ड , पासपोर्ट , बिजली का बिल , टेलीफोन का बिल , सब हमें ही अपने पास रखने है क्यूँ ना ये काम भी बैंको को ही दे दिया जाय | 
सरकार जानती है नोटबंदी और आरबीआई के करेक्टिव प्लान की वजह से बैंको में काम कम हो गया है जिससे कर्मचारियों को फिर से अपनी तनख्वाह गिनने का समय मिलने लगा है और उसके कम होने का एहसास भी हो रहा है  लेकिन प्रधानमंत्री का कहना है "हाय्पोक्रेसी की भी सीमा होती है भाई " सारे काम बैंक वाले करेंगे तो .अम्बानी बंधू क्या करेंगे |

Comments

  1. Wow such great and effective guide
    Thank you so much for sharing this.
    BhojpuriSong.in

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